Monday, 14 September 2015

Andaman Nicobar Hindi

अंड़मान और निकोबार द्वीप
यह भारत की सब से बड़ी अपतटीय यूनियन टेरेटरी है, जो भारत के दक्षिण में और बंगाल की खाड़ी के बीच है। 8000 वर्ग कि.मी में फैला यह द्वीप अपनी प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण कई सैलानियों को अपनी छुट्टियाँ बिताने के लिए मजबूर करता है। अंड़मान और निकोबार दो अलग द्वीप है जो एक दूसरे से केवल 10  डिग्री नोर्थ लेटिटूड़ की दूरी पर है। पोर्ट ब्लेयर इन दोनों द्वीप का प्रवेश द्वार ही नहीं बल्कि यहाँ कि राजधानी भी है। यह सब से ज्यादा आबादी वाला  शहर है। पोर्ट ब्लेयर  के हवाई अड्डे से आप किसी अन्य परिवहन साधन द्वारा इन दोनों द्वीपों की सैर कर सकते हैं, इस सैर में सैलानी उत्तर से दक्षिण तक 800 कि.मी पानी के नीचे फैली पर्वत श्रंखला देखेंगे। भारत कि कुछ तटीय शहर जैसे चेन्नई, कोलकाता से यात्री समुंद्री जहाज से पोर्ट ब्लेयर  जा सकते हैं। ये दोनों द्वीप अपने साफ और सुन्दर समुंद्री तटों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ सैलानियों को स्कूबा डाइविंग का मौका मिलता है, जिसमें वे पानी के नीचे बसे कई जीव और अन्य प्रकार के पौधे देखते हैं। इस के साथ यहाँ और भी कई सुन्दर पर्यटक स्थल है जिसे देख मनुष्य का मन मंत्रमुग्ध हो जाता है। इसकि इन्ही खूबियों के कारन इसे "इको-फ्रेंडली" स्थान का दर्जा दिया गया है।
इंदिरा पॉइंट
 इंदिरा पॉइंट, भारत का दक्षिण बिंदु निकोबार द्वीप के ग्रेट निकोबार द्वीप में स्थित है।यह स्वतंत्र भारत का दक्षिण बिंदु है, जिसे बड़े उत्साह से भारत से कई सैलानी देखने आते हैं। इसका नाम भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के नाम पर रखा गया है, 1972 के बाद इस दक्षिण बिंदु के भव्य लाइट हाउस को देखने आते पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
लाल और सफ़ेद धारियों से आलंकृत और हैलिप्ड से बना यह भव्य लाइट हाउस बहुत आकर्षक है। 2004 में आई सुनामी से भले ही यह थोड़ा सा क्षतिग्रस्त हो गया, पर अब भी यह भारत होते हुए मलेशिया और मलक्का जाती कई समुंद्री जहाजों को रौशनी प्रधान करता है।
यह एक मात्र लाइट हाउस है जो सैलानियों के लिए खुला है और इसकी रेंज 16 नौटिकल मील तक की है। यहाँ से आस पास का दृश्य उतना ही सुन्दर दिखता है जितना कि पूरा अंड़मान और निकोबार द्वीप।

केम्बेल बे नेशनल पार्क
 इंदिरा पॉइंट के बाद सब से ज्यादा पर्यटकों की संख्या ग्रेट निकोबार के केम्बेल बे नेशनल पार्क में होती है। यहाँ आये पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों को पक्षियों की कई प्रजातियाँ और अंड़मान-निकोबार में पाए जाते निकोबार स्क्रबफौल और निकोबार मेग्पोड़ देख पाएंगे। यह नेशनल पार्क फोटोग्राफर्स की पसंदीदा जगह है। इसकी प्राकृतिक सौन्दर्यता के कारण इसे वर्ल्ड वाइड फंड से मान्यता प्राप्त है।



हैवलॉक द्वीप
इंस स्थान का नाम अंग्रेज़ हुकूमत के प्रधान हेनरी हैवलॉक के नाम पर रखा गया है। यह अंड़मान का प्रमुख पर्यटक स्थल है, और हर साल हजारों की संख्या में सैलानी इसे देखने आते हैं। यहाँ के पांचों गाँव गोविन्द नगर, राधा नगर, बिजोय नगर, शाम नगर, और कृष्णा नगर के समुंद्री तट अपने आप में बहुत अलग है। यहाँ का राधा नगर समुंद्री तट सब से बढ़िया समुंद्री तट है और 2004 में टाइम पत्रिका ने इसे एशिया का सबसे बेहतरीन तट घोषित किया है I हैवलॉक द्वीप के लिए पोर्ट ब्लेयर से दिन में 2 या 3 बार नियमित समय पर फैरी की सेवा उपलब्ध है।
हेवलोक द्वीप पर स्कूबा डाइविंग बहुत किफायती है और यहाँ अभियानी, शुरुवाती, मध्यमवर्ती और अनुभवी डायवर्स के लिए डाइविंग की सेवा उपलब्ध है। स्कूबा डाइविंग समुन्द्र के अन्दर बसते जीवों को देखने का अच्छा विकल्प है। हैवलॉक द्वीप पर स्कूबा डाइविंग के अलावा ट्रैकिंग भी बहुत लोकप्रिय है
पोर्ट ब्लेयर
पोर्ट ब्लेयर भारत की यूनियन टेरेटरी अंड़मान निकोबार द्वीप की राजधानी है, यह अंड़मान द्वीप के दक्षिण में स्थित है और वर्ग में सारे द्वीपों से बड़ा है। अंड़मान द्वीप के दक्षिण में स्थित पोर्ट ब्लेयर में वर्षा सामान्य रूप से होती है, इसका ट्रोपिकल वातावरण इसे छुट्टियाँ बिताने के लिए उत्तम स्थान बनता है। पोर्ट ब्लैर भारतीय और विदेशिय दोनों सैलानियों में काफी लोकप्रिय है, इस द्वीप का कुछ शेत्र विदेशियों के लिए आरक्षित है। पोर्ट ब्लेयर कई कारणों की वजह से देखने योग्य स्थान है। 

अंड़मान-निकोबार जाने के लिए कई सुविधाएँ उपलब्ध है। भारत से पोर्ट ब्लेयर के वीर सावरकर हवाई अड्डे के लिए कोलकाता, भुवनेश्वर और चेन्नई जैसे शहरों से कई उड़ाने उपलब्ध है। शिप्पिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया ने निकोबार के पोर्ट ब्लेयर  के लिए, चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए महीने में दो बार और विजाग से पोर्ट ब्लेयर तीन महीने में एक बार एम्.वी.नेनकोय   समुंद्री जहाज की सेवा उपलब्ध कराई है।
यहाँ 19 वी सदी की काले पानी की जेल भी मौजूद है जिस्से अंग्रेज़ी में ब्लैक वाटर प्रिजन भी कहा जाता है। काले पानी जेल का निर्माण 19 वी सदी में ब्रिटिश शासन दौरान किया गया। यहाँ भारत में चल रहे स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग ले रहे राजनेतिक व्यक्तियों को बंदी बनाकर रखा जाता था। यहाँ रहने वाले निवासियों अनुसार इन बंदियों पर कई ज़ुल्म किये जाते और उन्हें कठीन से कठीन परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर किया जाता था।
पोर्ट ब्लेयर का मरीन पार्क यहाँ का प्रमुख पर्यटक स्थल है, इस 150 द्वीपों तक फैले मरीन पार्क के मिनी टूर्स संग आप यहाँ कि मरीने लाइफ और मरीने कार्यकलाप का आनंद ले सकते हैं। आपकी इच्छा अनुसार यह टूर कुछ घंटो से लेकर कुछ दिनों के लिए बढाया या घटाया जा सकता है।

काले पानी जेल के पास बना अंड़मान वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दोपहर को कई वाटर स्पोर्ट्स जैसे पैरासलिंग, वाटर स्कूटर, पेडल बोट और कयाकिंग होते हैं। इन खेलों का व्यवसायी कारण तो होता ही है, पर साथ ही साथ यह मनुष्य को प्रकृती के बीच एक अनोखा अनुभव प्रदान करते हैं। मौसम की सुहानियत इन खेलों का आनंद दूगना करती है।

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