लेटर कोड्स, एयरपोर्ट कोड्स और एयरलाइन डिज़िग्नेटेड कोड्स
1. परिचय
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एविएशन और टूरिज़्म इंडस्ट्री में कोड्स का बहुत महत्व है।
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कोड्स का उपयोग एयरलाइंस, एयरपोर्ट्स और शहरों को पहचानने के लिए किया जाता है।
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ये कोड्स निम्नलिखित संस्थाएँ तय करती हैं:
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IATA (International Air Transport Association)
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ICAO (International Civil Aviation Organization)
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कोड्स के उद्देश्य:
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मानकीकरण (Standardization) – पूरी दुनिया में एक जैसा सिस्टम।
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समय की बचत (Time Saving) – पूरे नाम लिखने की ज़रूरत नहीं।
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भ्रम से बचाव (Avoid Confusion) – खासकर उन शहरों में जहां कई एयरपोर्ट हैं।
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सुगम कार्यप्रणाली (Smooth Functioning) – टिकटिंग, बैगेज हैंडलिंग और ATC कम्युनिकेशन को आसान बनाना।
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2. कोड्स के प्रकार
(A) एयरपोर्ट कोड्स
1. IATA एयरपोर्ट कोड्स (3 अक्षर)
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IATA द्वारा दिए जाते हैं (व्यावसायिक उपयोग के लिए)।
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टिकट, बोर्डिंग पास और बैगेज टैग पर लिखे होते हैं।
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यात्रियों के लिए समझने में आसान।
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उदाहरण:
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दिल्ली – DEL
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मुंबई – BOM
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लंदन हीथ्रो – LHR
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न्यूयॉर्क जेएफके – JFK
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2. ICAO एयरपोर्ट कोड्स (4 अक्षर)
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ICAO द्वारा दिए जाते हैं (संचालन संबंधी उपयोग के लिए)।
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एयर ट्रैफिक कंट्रोल, पायलट्स और एयरलाइन संचालन में उपयोग होते हैं।
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आमतौर पर क्षेत्रीय प्रीफ़िक्स के आधार पर बनाए जाते हैं।
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उदाहरण:
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दिल्ली – VIDP
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मुंबई – VABB
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लंदन हीथ्रो – EGLL
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न्यूयॉर्क जेएफके – KJFK
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(B) एयरलाइन कोड्स
1. IATA एयरलाइन कोड्स (2 अक्षर)
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IATA द्वारा दिए जाते हैं।
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टिकट, टाइमटेबल और शेड्यूल में उपयोग होते हैं।
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उदाहरण:
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एयर इंडिया – AI
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इंडिगो – 6E
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एमिरेट्स – EK
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लुफ्थांसा – LH
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2. ICAO एयरलाइन कोड्स (3 अक्षर)
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ICAO द्वारा दिए जाते हैं।
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एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संचालन संबंधी संचार के लिए।
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उदाहरण:
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एयर इंडिया – AIC
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इंडिगो – IGO
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एमिरेट्स – UAE
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लुफ्थांसा – DLH
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(C) सिटी कोड्स
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जिन शहरों में एक से अधिक एयरपोर्ट होते हैं, उन्हें IATA सिटी कोड्स दिए जाते हैं।
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उदाहरण:
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न्यूयॉर्क – NYC (कवर करता है JFK, LGA, EWR)
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लंदन – LON (कवर करता है LHR, LGW, LCY, STN)
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टोक्यो – TYO (कवर करता है HND, NRT)
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3. पर्यटन उद्योग में महत्व
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टिकटिंग – कोड्स से टिकट बनाना आसान होता है।
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उदाहरण: AI 101, DEL–JFK.
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बैगेज हैंडलिंग – बैग पर एयरपोर्ट कोड लिखे जाते हैं।
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उदाहरण: DEL/JFK बैग पर।
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आरक्षण प्रणाली (Reservation Systems) – CRS/GDS (Amadeus, Galileo, Sabre) कोड्स का प्रयोग करते हैं।
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भ्रम से बचाव – जैसे: मुंबई (BOM) और बोस्टन (BOS)।
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वैश्विक मानकीकरण – यात्री, एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स एक ही प्रणाली का प्रयोग करते हैं।
4. उदाहरण (यात्रा में कोड्स का प्रयोग)
एक यात्री दिल्ली (DEL) से न्यूयॉर्क (JFK) एयर इंडिया (AI) से यात्रा कर रहा है।
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टिकट पर लिखा होगा: AI 101 DEL–JFK
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बैगेज टैग: DEL/JFK
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एयर ट्रैफिक कंट्रोल (संचालन में): Flight AIC101 VIDP → KJFK
👉 इससे स्पष्ट है कि एक ही फ्लाइट के लिए तीन प्रकार के कोड्स का प्रयोग होता है:
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IATA कोड्स – यात्री उपयोग के लिए।
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ICAO कोड्स – संचालन/ATC के लिए।
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सिटी/एयरपोर्ट कोड्स – रूटिंग और बैगेज के लिए।
5. कुछ महत्वपूर्ण IATA कोड्स (परीक्षा हेतु)
(a) भारतीय हवाई अड्डे
| हवाई अड्डा | कोड |
|---|---|
| दिल्ली – इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय | DEL |
| मुंबई – छत्रपति शिवाजी | BOM |
| बेंगलुरु – केम्पेगौड़ा | BLR |
| चेन्नई – मीणाम्बक्कम | MAA |
| कोलकाता – नेताजी सुभाष चंद्र बोस | CCU |
| हैदराबाद – राजीव गांधी | HYD |
(b) विश्व के हवाई अड्डे
| हवाई अड्डा | कोड |
|---|---|
| लंदन हीथ्रो | LHR |
| न्यूयॉर्क जेएफके | JFK |
| पेरिस चार्ल्स डी गॉल | CDG |
| दुबई | DXB |
| सिंगापुर चांगी | SIN |
| टोक्यो नारिता | NRT |
(c) एयरलाइंस
| एयरलाइन | IATA कोड | ICAO कोड |
|---|---|---|
| एयर इंडिया | AI | AIC |
| इंडिगो | 6E | IGO |
| एमिरेट्स | EK | UAE |
| क़तर एयरवेज़ | QR | QTR |
| लुफ्थांसा | LH | DLH |
| सिंगापुर एयरलाइंस | SQ | SIA |
6. मुख्य निष्कर्ष
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IATA कोड्स (2/3 अक्षर): व्यावसायिक उपयोग (टिकट, बैगेज, यात्री)।
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ICAO कोड्स (3/4 अक्षर): संचालन संबंधी उपयोग (पायलट्स, ATC, एयरलाइन स्टाफ)।
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इन कोड्स का ज्ञान पर्यटन छात्रों और पेशेवरों के लिए ज़रूरी है ताकि वे टिकटिंग, आरक्षण, बैगेज हैंडलिंग और वैश्विक यात्रा प्रबंधन में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
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