Thursday, 4 September 2025

काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

 

काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (Kaziranga National Park)

परिचय

काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम राज्य में ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है। इसकी स्थापना 1905 में अभयारण्य के रूप में हुई और 1974 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला। यह उद्यान लगभग 430 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और इसे 1985 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया। काज़ीरंगा विश्व प्रसिद्ध है क्योंकि यह एक-सींग वाले भारतीय गैंडे (Great Indian One-Horned Rhinoceros) का सबसे बड़ा प्राकृतिक आवास है।


प्राकृतिक वनस्पति

काज़ीरंगा की जलवायु और भूगोल इसे अद्वितीय वनस्पति प्रदान करते हैं:

  • ऊँची हाथी घास (Elephant Grasslands)

  • दलदली भूमि और आर्द्रभूमि (wetlands)

  • सदाबहार वनों और अर्ध-सदाबहार वनों का मिश्रण

  • झाड़ियाँ, बांस और गन्ने जैसी वनस्पतियाँ

ये घास के मैदान और दलदली भूमि ही गैंडों, हाथियों और भैंसों का प्रमुख आवास हैं।


वन्यजीव

काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बड़ी संख्या में स्तनधारी पाए जाते हैं:

  • एक-सींग वाला गैंडा (प्रतीक प्रजाति, endangered)

  • एशियाई हाथी

  • जंगली भैंसा (Wild Water Buffalo)

  • दलदली हिरण (Swamp Deer)

  • बाघ (Project Tiger Reserve का हिस्सा, 2006 से)

  • तेंदुआ, जंगली सूअर, हॉग डियर आदि


पक्षी

यह उद्यान बर्ड वॉचर्स के लिए स्वर्ग है, जहाँ 450 से अधिक प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं:

  • ग्रेट हॉर्नबिल

  • ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क

  • ब्राह्मणी डक

  • पेलिकन

  • बार-हेडेड गूज़

  • मछलीमार चील (Fishing Eagle)

सर्दियों में यहाँ साइबेरिया और यूरोप से प्रवासी पक्षी भी आते हैं।


पर्यटक गतिविधियाँ

काज़ीरंगा में पर्यटन नियंत्रित और संगठित रूप से किया जाता है:

  • जीप सफारी – पर्यटकों को घास के मैदानों और दलदली क्षेत्रों में ले जाती है।

  • हाथी सफारी – गैंडों को पास से देखने का लोकप्रिय साधन।

  • बर्ड वॉचिंग – आर्द्रभूमि और झीलों के किनारे।

  • प्राकृतिक दृश्यावलोकन व फोटोग्राफी


कैसे पहुँचे

  • वायु मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा – जोरहाट (97 किमी) और गुवाहाटी (217 किमी)

  • रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन – फुरकाटिंग (75 किमी)

  • सड़क मार्ग: गुवाहाटी, जोरहाट, तेज़पुर से नियमित बस और टैक्सी सेवाएँ उपलब्ध।


निष्कर्ष

काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत की प्राकृतिक धरोहर का रत्न है, जहाँ मानव और प्रकृति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। यह न केवल एक-सींग वाले गैंडे के संरक्षण का केंद्र है बल्कि यहाँ की जैव-विविधता, आर्द्रभूमि और प्राकृतिक सुंदरता भी वैश्विक महत्व रखती है। यह उद्यान हमें जैव-विविधता संरक्षण और सतत पर्यटन के महत्व का संदेश देता है।

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